
यह तस्वीर hydrabad में सोमवार को हुए
फसाद की हैं. एक आदमी खून से लथपथ पड़ा हैं.
चारों ओर पत्थर पड़े हैं. क्या उपर वाले ने
इंसान नाम का प्राणी इसीलिए बनाया था.
फसाद की हैं. एक आदमी खून से लथपथ पड़ा हैं.
चारों ओर पत्थर पड़े हैं. क्या उपर वाले ने
इंसान नाम का प्राणी इसीलिए बनाया था.
इंसान कितना मगरूर हो रहा हैं
वतन कोने में पड़ा रो रहा हैं
एक तरफ आतंक का बोलबाला
एक तरफ साम्प्रदायिकता ने मुह खोला.
किसी का बाप मर रहा हैं, किसी का बेटा.
किसी को किसी की नहीं हैं चिंता.
फोटो साभार ap
ye dardnak tasvire insaan ki durdasha ki pratik hain..ham kitne patit hain .............
ReplyDeletekhair hamen apne andar ke insan ko jinda rakhna hoga.......tabhi kuchh ho sakta hai.
Sach hai kitna dardnaak manzar hai..kiseeko kiseeki fikr nahi hai..yah nahi sochte ki, iski jagah pe unka apna bhi koyi ho sakta tha...
ReplyDeleteZarasi nahi yah bahut hee badee aur gambheer baat hai...insaniyat kahan ja rahi hai?
ReplyDeletekisi ko kisi ki parwaah anhi hai bas har taraf jaise swarth hai...
ReplyDeletehttp://sakhisingh.blogspot.com/2008/11/blog-post_28.html
ye dekhe shayad ye nazara hamari kismat ban gya hai jab sab thik hone chalta hai phir se wohi dardnaak manjar samne kar dete hai apni harkato se ye
हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
ReplyDeleteकृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें